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8th Pay Commission: रेलवे के 12 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सैलरी बढ़ाने पर अभी से होने लगा काम

8th Pay Commission: रेलवे के 12 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सैलरी बढ़ाने पर अभी से होने लगा काम

देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें एक बार फिर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिक गई हैं। खास तौर पर भारतीय रेलवे से जुड़े 12 लाख से ज्यादा कर्मचारी इस खबर से बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि सैलरी बढ़ोतरी को लेकर अभी से तैयारियां शुरू होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। रेलवे न सिर्फ देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है, बल्कि वेतन आयोग के फैसलों का सबसे बड़ा लाभार्थी भी माना जाता है।

क्या है वेतन आयोग और क्यों है यह इतना अहम?

भारत सरकार हर 10 साल के आसपास **वेतन आयोग** का गठन करती है, जिसका मकसद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और पेंशन संरचना की समीक्षा करना होता है।
अब तक 7 वेतन आयोग लागू हो चुके हैं:

6वां वेतन आयोग – 2006
7वां वेतन आयोग – 2016

ऐसे में स्वाभाविक है कि 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें 2026 के आसपास लगाई जा रही हैं। हालांकि अभी सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर चर्चाएं और होमवर्क शुरू होने की खबरें सामने आ रही हैं।

रेलवे कर्मचारियों के लिए क्यों है खास?

भारतीय रेलवे में वर्तमान में करीब 12 से 13 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें शामिल हैं:

* लोको पायलट
* टेक्नीशियन
* गार्ड
* स्टेशन मास्टर
* ट्रैक मेंटेनर
* इंजीनियर
* क्लर्क और ऑफिस स्टाफ

रेलवे कर्मचारी दिन-रात, हर मौसम और हर हालात में काम करते हैं। ऐसे में वेतन आयोग का लाभ उनके लिए सीधे तौर पर जीवन स्तर में सुधार लेकर आता है।

सैलरी बढ़ाने पर अभी से कैसे हो रहा काम?

सूत्रों के मुताबिक, सरकार और संबंधित विभागों में डेटा कलेक्शन, वेतन संरचना का विश्लेषण और महंगाई के प्रभाव पर अध्ययन शुरू हो चुका है। इसमें खास तौर पर इन बिंदुओं पर काम हो रहा है:

1. महंगाई भत्ता (DA)
   बढ़ती महंगाई को देखते हुए DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

2. फिटमेंट फैक्टर
   7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था।
   8वें वेतन आयोग में इसे **3.0 या उससे ज्यादा** किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।

3. न्यूनतम वेतन
   अभी न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है।
   कयास लगाए जा रहे हैं कि इसे बढ़ाकर ₹26,000 से ₹30,000 तक किया जा सकता है।

4. रेलवे के जोखिम भरे पदों के लिए विशेष भत्ते
   लोको पायलट, ट्रैक मेंटेनर जैसे पदों के लिए अतिरिक्त रिस्क अलाउंस पर भी विचार संभव है।

यूनियनों की भूमिका और मांगें

रेलवे कर्मचारी यूनियनें लंबे समय से वेतन सुधार की मांग कर रही हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं:

* फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी
* ओवरटाइम और नाइट ड्यूटी अलाउंस में सुधार
* पेंशनर्स को समान लाभ
* प्रमोशन स्ट्रक्चर को सरल बनाना

यूनियनों का कहना है कि अगर समय रहते वेतन आयोग पर काम शुरू कर दिया जाए, तो कर्मचारियों में असंतोष नहीं फैलेगा और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

अगर अनुमान लगाया जाए, तो:

* जिन कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी ₹25,000 है,
  उनकी सैलरी **₹35,000–₹40,000** तक जा सकती है।

* ₹40,000 कमाने वाले कर्मचारियों की सैलरी
  **₹55,000–₹60,000** तक पहुंच सकती है।

हालांकि ये आंकड़े केवल अनुमान हैं और अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

पेंशनर्स को भी मिलेगा फायदा

रेलवे के लाखों पेंशनर्स भी 8वें वेतन आयोग से लाभान्वित होंगे। पेंशन में संशोधन, DA में बढ़ोतरी और मेडिकल सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दे इसमें शामिल हो सकते हैं।
यह उन कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी रेलवे की सेवा में लगा दी।

सरकार पर पड़ेगा कितना बोझ?

वेतन आयोग लागू होने से सरकार पर वित्तीय बोझ जरूर बढ़ता है, लेकिन इसके साथ-साथ:

* बाजार में पैसा बढ़ता है
* खपत में इजाफा होता है
* अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलती है

रेलवे जैसे बड़े विभाग में सैलरी बढ़ोतरी का सीधा असर देश की आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है।

कर्मचारियों में बढ़ा उत्साह

जैसे-जैसे 8वें वेतन आयोग को लेकर खबरें सामने आ रही हैं, रेलवे कर्मचारियों में उत्साह साफ देखा जा सकता है। सोशल मीडिया, यूनियन मीटिंग्स और ऑफिस चर्चाओं में यही सवाल गूंज रहा है –
**“8वां वेतन आयोग कब आएगा और कितनी सैलरी बढ़ेगी?”**

निष्कर्ष

8वां वेतन आयोग भले ही अभी आधिकारिक तौर पर घोषित न हुआ हो, लेकिन रेलवे के 12 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के लिए यह उम्मीद की एक बड़ी किरण बन चुका है। सैलरी बढ़ाने को लेकर अगर अभी से काम शुरू हो गया है, तो यह संकेत है कि आने वाले वर्षों में रेलवे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।

अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर समय पर 8वां वेतन आयोग लागू होता है, तो यह रेलवे कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक राहत साबित हो सकता है।

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